बुधवार, 23 जुलाई 2008

आदमी,आदमी सा






























सूरज, सूरज सा
चाँद, चाँद

कुत्ता, कुत्ता सा
गिरगिट, गिरगिट


फूल, फूल सा
शूल, शूल


मित्र ! कब दिखेगा
आदमी, आदमी सा

14 comments:

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन!!

सजीव सारथी ने कहा…

वाह बहुत खूब....

सजीव सारथी
www.podcast.hindyugm.com

Pragya ने कहा…

bahut khoob...
achhi achhi aashaayen rakhiye... yah din bhi jald hi ayega

ज़ाकिर हुसैन ने कहा…

बहुत शानदार!!!
जिस सादगी से आपने अपनी बात रखी है वो काबिले तारीफ है
सच-मुच आज के दोर मैं आदमी, आदमी नहीं रहा
लेकिन आदमी आसमान से नहीं उतरने वाला
ये फ़र्ज़ तो आपको और हमें ही निभाना होगा

A. R. Singh ने कहा…

बहुत सुंदर,,,,क्या बात है, क्या खूब कही, सादे पकवान में इतना लजीज स्वाद, पहले कभी नहीं चखा..आपको साधुवाद|

दुनिया का कुछ अजीब सा मंज़र हो गया,
कलतक जो दरिया था, आज समंदर हो गया|
कहतें हैं बुजुर्ग बन्दर से इन्सां है बना,
आज वही इन्सां फिर से बन्दर हो गया|

pallavi trivedi ने कहा…

waah kya baat kahi hai chand alfaazon mein....pata nahi kab dikhega aadmi sa.

श्रद्धा जैन ने कहा…

aadmi aadmi sa jane kab dikhega
bhaut sachhi baat

awesh ने कहा…

शहरोज का अपना कविता संसार है ,बेजान शब्दों में जान फुकनी हो तो शहरोज को उधार दे दीजिये ,सीधे साधे शब्दों से बाढ़ की स्थिति पैदा कर देना इनकी फितरत है ,इस कविता को पढ़कर ऐसा ही लगा |सही ही कहा है किसी ने 'दुनिया न जीत पाओ तो हारो न खुद को तुम थोडी बहुत तो जेहेन मे नाराजगी रहे '|ये नाराजगी कायम रखना मेरे मित्र बस इसी की जरुरत है |

अंगूठा छाप ने कहा…

bahut khoob!!

ललितमोहन त्रिवेदी ने कहा…

शब्द कम और बात बड़ी हो तो कविता " कबीर " हो जाती है ! विश्वाश है कि आप हैरतज़दा न होंगे

संत शर्मा ने कहा…

Bahut Khubsurat Bandhu.

shambhavi ने कहा…

Blog is such a splendid platform..thousands of talented writers have got chance to share their thoughts..otherwise it was next to impossible that people like me would have ever picked read

UjjawalTrivedi ने कहा…

प्रिय शहरोज, आपका ब्लॉग देखा- आपकी सोच के बारे मे जानकर खुशी मिली, खासकर मुस्लिम महिलाओ के बारे में, वाकई बेइल्म कौम मुर्दा समान है। मेरे उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।

Rani Mishra ने कहा…

आपका ब्लॉग पढ़ा, बहुत अच्छा लगा,
आपने हर घटित होती घटना का यथार्थ चित्रण किया है अपने ब्लॉग में......
हर बात जो घटित होती है उस पर आपने अपनी कलम से अपने विचार प्रकट किये है......
हर बात के सम्पूर्ण सच को गहराई से लिखा है आपने..
मैंने भी कुछ विषयो पर लिखा है पर कभी कही पर प्रकाशित करने का मोका नहीं मिला........
क्यूंकि वो सिर्फ मेरे विचार है.........उस पर जन्सहमती भी होने ज़रूरी है.,

Related Posts with Thumbnails

हमारे और ठिकाने

अंग्रेज़ी-हिन्दी

सहयोग-सूत्र

लोक का स्वर

यानी ऐसा मंच जहाँ हर उसकी आवाज़ शामिल होगी जिन्हें हम अक्सर हाशिया कहते हैं ..इस नए अग्रिग्रेटर से आज ही अपने ब्लॉग को जोड़ें.